10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये जुर्माना, पेपर लीक पर सख्त हुआ कानून; मोदी कैबिनेट ने संशोधन बिल को दी मंजूरी
Up to 10 years in prison and a fine of ₹10 crore
नई दिल्ली। Up to 10 years in prison and a fine of ₹10 crore, नीट पेपर लीक के प्रदर्शन के बीच कैबिनेट बैठक ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और सख्त बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई। सरकार अगले सप्ताह में मानसून सत्र के दौरान इस संशोधित विधेयक को संसद में पेश करने की तैयारी में है।
इस बिल में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे। बिल में पेपर लीक के मामलों में 10 की सजा और 10 करोड़ के जुर्माना का प्रावधान होगा।
पेपर लीक विवाद और प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी ने गुरुवार आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था। पीएम मोदी ने 2.56 मिनट का एक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया।
PM मोदी ने क्या कहा
PM ने कहा, पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक रोकने के लिए पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो। इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।
वहीं यह भी एलान किया था कि पेपर लीक रोकने के लिए अगले हफ्ते संसद में नया बिल पेश किया जाएगा। इसे जल्द से जल्द पास कराने की कोशिश की जाएगी। साथ ही उन्होंने इससे पहले एलान किया था कि पेपर लीक केस के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
पेपर लीक से जुड़े मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे मामले का निपटारा करें और तीन महीने के भीतर सजा सुनाएं।
NEET UG पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और मई में NEET-UG पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की जा रही है।
पेपर लीक की मांगों के खिलाफ एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन किया था और संसद में भी हंगामा जारी है। इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है। अब तक अलग-अलग राज्यों से 13 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
पेपर लीक पर क्या है कानून?
देश में पहले ही से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इसे 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। सरकार नए संशोधन कर कानून को और सख्त और प्रभावशाली करने की तैयारी में है।
क्या है कानून में नियम
देश में पेपर लीक से जुड़ा जो अधिनियम लागू है, उसमें यह प्रावधान हैं।
- पेपर लीक करने पर: 3 से 5 साल जेल और 10 लाख तक जुर्माना
- गिरोह शामिल होने पर: 5 से 10 साल जेल और 1 करोड़ तक जुर्माना
- एजेंसी दोषी होने पर: 1 करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूली और अगले 4 साल परीक्षा कराने पर बैन
इस कानून के तहत अपराध गैर जमानती है और समझौता नहीं हो सकता। जांच DSP रैंक या उससे सीनियर अफसर करेंगे।